गाजीपुर में भाजपा और गठबंधन में कांटे की टक्कर, जीत हार का अंतर तय करेगा पिछड़ा

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गाजीपुर। लोक सभा चुनाव अपने चरम पर है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी से ने केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा पर दोबारा दांव लगाया है, वंही दूसरी तरफ गठबंधन ने पूर्व सांसद अफजाल अंसारी को उम्मीदवार बनाया है, जिन्होंने 2004 के लोक सभा चुनाव में इसी मनोज सिन्हा को धूल चटाई थी। गाजीपुर के राजनीतिक इतिहास में 15 साल बाद दोनों कद्दावर नेता फिर आमने सामने ताल ठोकें है। नाराज कुशवाहों समेत पिछड़ों के वोट बैंक में सेंध मारने के लिए कांग्रेस ने अधिवक्ता अजीत प्रताप कुशवाहा को टिकट दिया है। वोट समीकरण के हिसाब गठबंधन भारी है, ऐसे में भाजपा से नाराज पिछड़े अत्यंत ही निर्णायक साबित होने वाले है। मनोज सिन्हा को जंहा अपने विकास पर भरोसा है, वंही अफ़ज़ल अंसारी को गठबंधन के सॉलिड वोट बैंक पर।

2004 में अफजाल ने मनोज को चटाई थी धूल

मनोज सिन्हा और अफजाल अंसारी ने 2004 में गाजीपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा था। 15 वर्षों के बाद दोनों राजनेता एक बार फिर चुनावी मैदान में आमने-सामने है। अफजाल अंसारी ने 2004 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर 415687 वोट पाते हुए 226777 मतों से भाजपा प्रत्याशी मनोज सिन्हा को करारी शिकस्त दी थी। 2004 के लोस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने उमाशंकर पर दांव खेला था जिन्होंने 185120 वोट पाए थे। पूर्व विधायक उमाशंकर अब भाजपा छोड़कर अफजाल अंसारी के साथ हैं। कई नेताओं ने भी पाले बदल लिए हैं। ऐसे में 2019 का लोकसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है।

कुशवाहा वोटों संग कांग्रेस करेगी हर ओर सेंधमारी

सत्ता दल भाजपा और गठबंधन के बीच इस बार कांटे की टक्कर मानी जा रही है, अब कांग्रेस के प्रत्याशी ने इसे और पेंचीदा बना दिया है। चुनाव में भाजपा और गठबंधन के साथ कांग्रेस की सेंधमारी इस चुनाव को दिलचस्प बनाएगी। सरकार के पांच साल का रिपोर्ट कार्ड लेकर मनोज सिन्हा जनता के बीच जा रहे हैं वंही भाजपा की आईटी सेल भी प्रचार प्रसार में लगा है। दूसरी ओर अफजाल भी अपने चिर परिचित अंदाज में लोगों का समर्थन मांग रहे हैं। कांग्रेस ने नाराज कुशवाहों का वोट बटोरने के लिए कुशवाहा प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है जो भाजपा के लिए मुसीबत बन बैठा है।

केशव को लेकर कुशवाहा आक्रोशित

कुशवाहा समाज शुरू से ही भाजपा का वोट बैंक रहा है परन्तु स्थानीय राजनीति से लगाए प्रदेश स्तर पर समाज के साथ हो रही उपेक्षाओं के चलते कटता नजर आ रहा है, जो भाजपा के लिए खतरे की घंटी है। 2014 लोक सभा चुनाव में सपा की शिवकन्या कुशवाहा को नकारते हुए कुशवाहों ने भाजपा को अप्रत्याशित जीत दिलाई थी तथा 2017 के विधान सभा चुनाव में केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में निर्णायक की भूमिका में रहे परन्तु केशव प्रसाद को सीएम न बनाये जाने से उनका भाजपा से मोह भंग हो गया है। वंही जिले में सरोज कुशवाहा जैसे वरिष्ठ नेत्री को नजर अंदाज कर बसपा से हाल की आई रुद्रा पांडेय को प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय द्वारा जिलाध्यक्ष बना दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष पर बिरादरीवाद करने का आरोप लगाते हुए कई कुशवाहा नेताओं ने पार्टी से दुरी बना ली है, जिस कारण से कुशवाहा बाहुल्य क्षेत्रों में बड़े कुशवाहा नेता भी भीड़ जुटाने में लाचार नजर आये।

अफजाल का राजनीतिक सफर

 पूर्व सांसद अफजाल अंसारी अपना राजनैतिक करियर कम्युनिष्ट पार्टी से शुरु किया था। कभी लाल सलाम के लिए देश भर में मशहूर गाजीपुर ने अफजाल को विधायक और सांसद भी बनाया। अफजाल सपा और कौमी एकता से होकर हाथी पर सवार हो गये। अफजाल मुहम्मदाबाद विधानसभा से 6 बार विधायक और समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए। चुनावी अंकगणित और गोट बिछानें में चर्चित अफजाल अंसारी मुस्लिम मतदाताओं समेत सभी वर्गाें में खासी पकड़ रखते हैं।

अफवाहों ने अफ़ज़ाल को हराया

2009 में सपा से राधेमोहन सिंह तथा सपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए पूर्व सांसद अफजाल अंसारी के बीच मुकाबला हुआ। इसमें सपा के राधेमोहन सिंह 69309 मतों के अंतर से बाजी मार गए। उन्हें 379233 तथा उनके निकटतम प्रतिद्वंदी रहे बसपा के अफजाल अंसारी को 309924 मत पाकर अफवाहों के कारण हार का मुंह देखना पड़ा।

सबसे अधिक मतों से अब तक जीते अफजाल अंसारी

वर्ष 1951 से अब तक के चुनावी इतिहास में गाजीपुर लोकसभा सीट पर सबसे अधिक वोटों से सपा के प्रत्याशी अफजाल अंसारी जीते। वर्ष 2004 के चुनाव में अफजाल अंसारी ने मनोज सिन्हा को 226777 मतों से पराजित किया था। यह रिकार्ड बन गया और अब तक कोई इसे तोड़ नहीं सका। सपा प्रत्याशी अफजाल अंसारी को 415687 मत और भाजपा के मनोज सिन्हा को 188910 मत प्राप्त हुए थे।

चुनाव परिणाम 2014

मनोज सिन्हा भाजपा 306,929 31.04%

शिवकन्या कुशवाहा सपा 274,477 27.24%

कैलाश नाथ सिंह यादव बसपा 241,645 21.41%

डीपी यादव कौमी एकता दल 59510 04

अब तक गाजीपुर का इन्होंने किया प्रतिनिधित्व :

2014 मनोज सिन्हा भारतीय जनता पार्टी

2009 राधे मोहन सिंह समाजवादी पार्टी

2004 अफज़ल अंसारी समाजवादी पार्टी

1999 मनोज सिन्हा भारतीय जनता पार्टी

1998 ओमप्रकाश सिंह समाजवादी पार्टी

1996 मनोज सिन्हा भारतीय जनता पार्टी

1991 विश्वनाथ शास्त्री भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

1989 जगदीश कुशवाहा निर्दलीय

1984 ज़ैनुल बशीर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1980 जैनुल बशर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1977 गौरी शंकर राय भारतीय लोक दल

1971 सरजू पांडे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

1967 एस पांडेय भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

1957 हर प्रसाद सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1952 हर प्रसाद सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

जिले में मतदाताओं की संख्या

कुल मतदाता : 1851857

पुरुष मतदाता : 1009105

महिला मतदाता: 842685

गाजीपुर जिला में पुरुष महिला अनुपात 1000-832

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