जस्टिस गिरिधर मालवीय बने बीएचयू के कुलाधिपति, बीएचयू कोर्ट में हुआ फैसला

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वाराणसी। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के पौत्र जस्टिस गिरिधर मालवीय काशी हिंदू विश्वविद्यालय के नए कुलाधिपति (चांसलर) बने हैं। सोमवार को केंद्रीय कार्यालय के समिति कक्ष एक में गहमागहमी के बीच हुए बीएचयू कोर्ट की बैठक सदस्यों ने सर्वसम्मति से मालवीय के  नाम पर सहमति जताई। औपचारिकता के लिए अब उनके नाम को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। जहां पर अंतिम मुहर लगेगी। करीब तीन साल बार हुई कोर्ट की 62वीं बैठक में अन्य एजेंडों का प्रस्ताव भी शामिल है। इसमें राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. संजय कुमार श्रीवास्तव का प्रस्ताव सॉफ्ट पावर सेंटर व डा. वंदना झा के प्रस्ताव मैथिली अध्ययन केंद्र को भी पारित किया गया।

बीएचयू कोर्ट की बैठक सुबह 11 बजे शुरू हो गई, जो ढाई बजे तक चली। सबसे पहले परिचय के बाद वर्ष 2016-17 व 2017-18 के प्रस्ताव को पारित किया गया। साथ ही कोर्ट की 61वीं बैठक के एजेंडे को भी सदस्यों ने पास किया। सबसे अधिक समय चांसलर चुनाव में लगा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने जस्टिस गिरिधर मालवीय के नाम पर सदस्यों से राय मांगनी शुरू की। सूत्र बताते हैं कि करीब 90 प्रतिशत सदस्यों ने जस्टिस मालवीय के नाम पर सहमति जताई दी। इसके बाद अन्य नामों के प्रस्तावकों ने भी सहमति जता दी। कुल मिलाकर चुनाव की नौबत टल गई। इससे पहले कुलाधिपति के नाम के लिए 11 नाम आ जाने से चुनाव के आसार बन गए थे। जस्टिस मालवीय इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज थे।

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