धूमधाम से मनाई गई सावित्रीबाई फुले की जयंती

mjrp

गाजीपुर। एमजेआर पी स्कूल में सावित्रीबाई फुले की जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के संस्थापक पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा, प्रबंधक राजेश कुशवाहा, उप प्रबंधक श्रीमती संध्या कुशवाहा एवम प्रधानाचार्य सुदर्शन सिंह कुशवाहा, उप प्रधानाचार्य राकेश पाण्डेय समेत समस्त शिक्षक व छात्र छात्राओं के द्वारा सावित्री बाई फुले 188 वी जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण एवम पुष्पांजलि अर्पित की गयी।

इस अवसर पर अपने संबोधन में स्कूल के प्रबंधक राजेश कुशवाहा ने कहा की सावित्रीबाई फुले को प्रथम महिला शिक्षिका, प्रथम शिक्षाविद् और महिलाओं की मुक्तिदाता कहें तो कोई भी अतिशयोक्ति नही होगी, वो एक महान कवयित्री, अध्यापिका व समाजसेविका थीं। सावित्रीबाई फुले बाधाओं के बावजूद स्त्रियों को शिक्षा दिलाने के अपने संघर्ष में बिना धैर्य खोये और आत्मविश्वास के साथ डटी रहीं।

सावित्रीबाई फुले ने अपने पति ज्योतिबा के साथ मिलकर उन्नीसवीं सदी में स्त्रियों के अधिकारों, शिक्षा छुआछूत, सतीप्रथा, बाल-विवाह तथा विधवा-विवाह जैसी कुरीतियां और समाज में व्याप्त अंधविश्वास, रूढ़ियों के विरुद्ध निरन्तर संघर्ष किया। ज्योतिबा उनके मार्गदर्शक, संरक्षक, गुरु, प्रेरणा स्रोत तो थे, ही पर जब तक वो जीवित रहे सावित्रीबाई का हौसला निरन्तर बढ़ाते रहे ।महिला अधिकार के लिए संघर्ष करने वाली सावित्रीबाई ने विधवाओं के लिए एक केंद्र की स्थापना की और उनको पुनर्विवाह के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने अछूतों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। वर्ष 1897 में प्लेग फैलने के दौरान उन्होंने पुणे में अपने पुत्र के साथ मिलकर एक अस्पताल खोला और अस्पृश्य माने जाने वाले लोगों का इलाज किया। हालांकि इस दौरान वह स्वयं प्लेग से पीड़ित हो गईं और उसी वर्ष मार्च में उनका निधन हो गया था।.वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम में दिवाकर सिंह.विनोद जायसवाल. आशुतोष मिश्रा समेत सभी शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहीं।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*